Cruise Control : बढ़ते कॉम्पिटिशन मद्देनजर सभी ऑटो कंपनियां अपनी कारों में आए दिनों लगातार नए-नए फीचर्स जोड़ रही हैं। लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए फीचर्स जोड़े जाते हैं। लेकिन यह नए फीचर्स गलत इस्तेमाल किए जाने पर जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। हम बात कर रहे हैं लग्जरी कारों में मिलने वाले क्रूज कंट्रोल फीचर की। गलत जगह और गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर यह फीचर खतरनाक भी हो सकता है। इस खबर में हम आपको बता रहे हैं कि इस फीचर का इस्तेमाल कब और कैसे करना है?

क्रूज नियंत्रण कैसे काम करता है?

एक बार यह फीचर एक्टिवेट हो जाने के बाद यह कार को अपने आप कंट्रोल करना शुरू कर देता है। यहआटोमेटिक रूप से कार को उस गति से चलाता है जिस गति पर इसे एक्टिवेट किया गया हो।  ताकि चालक को कार चलाते समयएक्सेलरेशन पेडल दबाना न पड़े। यह फीचर कार को तय गति से लगातार चलाने में मदद करता है। इसे एक्टिवेट करने के बाद कार की स्पीड न तो घटती है और न ही बढ़ती है।

Cruise Control के इस्तेमाल के फायदे:

चालक की थकान को कम करने और लंबी ड्राइव को अधिक आरामदायक बनाने सहित Cruise Control के कई फायदे है। लगातार सामान गति पर चलने पर गाडी की माइलेज में सुधार  होती है। साथ ही ड्राइवर को थोड़ा रिलैक्स होने का मौका भी मिलता है।

इस फीचर के नुकसान क्या है?

अगर आपकी कार में यह फीचर है लेकिन आपके पास इसके सही इस्तेमाल की कम जानकारी है। तो आप इस फीचर का इस्तेमाल न ही करे तो बेहतर होगा। क्योंकि अगर आप यह फीचर गलत समय पर एक्टिवेट करते है, तो तो कार को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है। जब भी संभव हो इस सुविधा का उपयोग सिर्फ खाली सड़कों पर किया जाना चाहिए। भीड़भाड़ और ज्यादा ट्रैफिक में यह जानलेवा साबित हो सकता है।

कब इस्तेमाल न करे?

इस फीचर का इस्तेमाल ट्रैफिक, भीड़-भाड़ वाली जगहों, गीली सड़कों पर, बारिश, बर्फबारी और इसी तरह की अन्य स्थितियों में नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसे समय पर एक्सीडेंट होने का खतरा बढ़ जाता है।

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