नई दिल्ली :

जो लोग शौक के लिए गाड़ियाँ लेते है, वह गाड़ियों को सुंदर और जबरदस्त लुक देने के लिए सभी संभव प्रयास करते है। इसमें गाडी का मॉडिफिकेशन भी शामिल है। हालाँकि सभी लोग गाड़ियों को मॉडिफाई नहीं कर पाते, लेकिन कई लोग गाड़ियों के शीशे के साथ थोड़ी छेड़खानी करते है। हालाँकि, ऐसा करना आपको बेहद गंभीर मुसीबत में दाल सकता है, आइए जानते है गाड़ियों के शीशे के बार में क्या ट्रैफिक रूल्स है?

अगर आपने हाल ही में एक नई कार खरीदी है और आप उसके शीशे में कोई बदलाव करने की सोच रहे हैं, तो आज हम आपको भारत (Indian RTO Rules) में इससे जुड़े कुछ नियम बता रहे हैं जिनके बारे में आपको जानना जरूरी है। आज हम आपको कार के शीशे से कार मालिक की आम गलतियों के बारे में बता रहे हैं।

रंगा हुआ ग्लास :-

कुछ लोग सुरक्षा और गोपनीयता कारणों से अपनी कार की खिड़कियों को रंग देते हैं। कार के शीशे को रंगने का मतलब है उस पर किसी तरह का लेयर लगाना। वे कई प्रकार के होते हैं, और इसमें स्प्रे, पेंट, या यहां तक ​​कि प्लास्टिक की फिल्म भी शामिल हो सकती है।

लोगों को उनके बजट के हिसाब से रंगा हुआ ग्लास मिलता है। हालांकि, भारत में इसे पूरी तरह से अवैध माना जाता है। अगर चेकिंग के दौरान आपकी कार की खिड़कियां रंगी हुई पाई जाती हैं, तो आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। वास्तव में कई बार कारों में गंभीर अपराध किए गए हैं जिसके कारण यह नियम बना। भारत में रंगा हुआ कांच पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

कार के शीशे पर जातिसूचक शब्द लिखना :-

कहने की जरुरत नहीं भारत में जाट और धर्म को लेकर अभिमानी है। कुछ लोग हैसियत बड़ी दिखाने के लिए कार के शीशे पर जातिसूचक शब्द लिखते हैं, लेकिन पिछले साल से लगभग हजारों मामलों में ऐसा करने पर वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया गया है। वास्तव में ऐसा करने से देश की शांतता और सौहार्द खराब हो सकता है और इस कारण कार की खिड़कियों पर जातिसूचक शब्द लिखना मना है।

अगर आप भी कार के मालिक हैं और अपनी कार के शीशे से छेड़छाड़ करने की सोच रहे हैं तो आज ही अपना विचार बदल लें। यदि आप इनमें से कोई भी गलती करते हैं, तो आपको न केवल जुर्माना भरना पड़ सकता है, बल्कि आपको जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है क्योंकि इस मामले में कानून व्यवस्था बहुत सख्त है।

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