अगर लोन पर गाडी लेना चाहते है, तो भूलकर भी ‘यह’ गलतियाँ न करे वरना लाखों का होगा नुकसान

नई दिल्ली: हर किसी का सपना होता है उनके पास अच्छी नौकरी के साथ खुद का घर और एक गाडी हो। हालाँकि आमिर लोग बिना झिजक गाडी खरीद लेते है लेकिन मध्यम वर्ग के लोगों के लिए एकमुश्त कॅश दे कर गाडी खरीदना लगभग नामुमकिन साबित हो सकता है। इस लिए हम में से लगभ सभी कर लेने के लिए कार लोन लेने की सोचते है। फिलहाल बाजार में कार लोन देने के लिए काई बैंक्स और फायनान्स कंपनिया उपलब्ध है।

हालांकि कई बार कम जानकारी की वजह से यह कार लोन आपके लिए मुसीबत साबित हो सकता है। छोटी छोटी गलतियों की वजह से लाखों रुपयों का नुक्सान हो जाता है। तो आइए जानते है कार लोन लेते समय किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरुरी है।

अक्सर ग्राहक संभावित नुकसान के बारे में सोचे बिना लोन की शर्तों को स्वीकार कर लेते हैं और उन्हें बाद में नुकसान उठाना पड़ता है। इन सामान्य गलतियों से आसानी से बचा जा सकता है।

अधिकांश बैंक और वित्तीय संस्थान कार की मूल कीमत और कर आदि का भुगतान करके ऑन-रोड लागत का लगभग 80 से 90 प्रतिशत ऋण प्रदान करते हैं। कुछ बैंक या संस्थान 100% तक भी लोन देते हैं। यह आपको बिना किसी शुरुआती डाउन पेमेंट के अपनी पसंदीदा कार घर लाने की अनुमति देगा। कार खरीदते और लोन लेते समय इन बातों का रखे ध्यान।

अपने क्रेडिट इतिहास को जानें

एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि कार लोन के लिए अप्लाई करने से पहले क्रेडिट स्कोर न जानना एक बड़ी गलती है। जो ग्राहक अपने क्रेडिट स्कोर को जानता है, वह जानता है कि वह किन ऋण शर्तों के लिए पात्र है और वह ऋण प्राप्त करने की क्या अपेक्षा करता है? आजकल लोन देते समय क्रेडिट स्कोर चेक किया जाता है। साथ ही कई बैंक इसके आधार पर ब्याज दरों की पेशकश करते हैं इसलिए सस्ता ऋण प्राप्त करने के लिए आपके क्रेडिट स्कोर की आवश्यकता होती है।

यदि क्रेडिट स्कोर कम है और खरीदारी करने की कोई जल्दी नहीं है, तो ग्राहक बेहतर ब्याज दर प्राप्त करने के लिए स्कोर में सुधार करने का निर्णय ले सकता है। ग्राहक क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट या ऑनलाइन अकाउंट पर अपना क्रेडिट स्कोर आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

लंबी अवधि का कर्ज न लें

लंबी अवधि के ऋण का विकल्प ग्राहक के लिए आकर्षक हो सकता है क्योंकि इसमें EMI की राशि कम होती है। लेकिन यह कुल ब्याज को बढ़ाता है। उच्च ब्याज दरें आमतौर पर लंबी अवधि के लिए आती हैं और ग्राहक को लंबी अवधि के लिए EMI का भुगतान करना पड़ता है। इसके अलावा, लंबी अवधि के ऋण का मतलब है कि कार की लागत भी कम हो जाती है। इसीलिए अधिकतम 60 महीने का ही लोन का अवधि चुने। 

प्री-अप्रूव्ड लोन लेना चाहिए

ऋण के लिए कार डीलर पर निर्भर रहने के बजाय, बेहतर विकल्पों की तलाश करें जहां छूट उपलब्ध हो। विभिन्न बैंकों, क्रेडिट एजेंसियों और ऑनलाइन उधारदाताओं से पूर्व-अनुमोदित ऋण (प्री-अप्रूव्ड लोन) सबसे अच्छे रहते हैं। यह कार खरीदने से पहले किया जाना चाहिए क्योंकि इससे खरीदार को इस बात का बेहतर अंदाजा होगा कि कितना ऋण आपको मिल सकता है और ग्राहक के लिए ब्याज दर क्या होगी।

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